About this drama
रोसेंट ने परिवार के लिए सब कुर्बान किया—जुआरी, हिंसक पूर्व से पत्नी को बचाया, उसके बच्चों को अपना बनाया। फिर सौतेले बेटे के दुश्मन ने उसे जिंदा चमड़ी उधेड़ कर मार डाला। भटकती आत्मा बनकर वह देखता है, वे फिर उसी निकम्मे के पास लौटते हैं। जब मेडिकल एग्ज़ामिनर पत्नी और जासूस बेटा कटे-फटे शव का पोस्टमार्टम करते हैं, तब जाकर उन्हें पता चलता है—रोने तक की मोहलत नहीं।